Cheat by calling Kohinoor in the pitcher | घड़े में कोहिनूर बता कर ठगी



घड़े में कोहिनूर बता कर ठगी Cheat by calling Kohinoor in the pitcher

पानीपत का रजिन्द्र विदेश जाना चाहता था. यमुना नगर के नूरहसन ने आस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर उससे 7 लाख रूपए मांगे. रजिन्द्र के पास उस वक्त 2 लाख रूपए थे. उसने नूरहसन को दे दिए. रूपए लेने के बाद नूरहसन, रजिन्द्र को काफी समय तक घुमाता रहा. एक दिन उसने रजिन्द्र  से कहा उसे विदेश जाने की जरूरत नहीं क्योंकि उसके घर में दो घड़े दबे हैं, जो हीरे-जवाहरात से भरे हैं.



यदि वह किसी तरह से डेढ़ लाख रूपये और दे दंे तो उसमें से एक घड़ा वह उसे दे देगा. रजिन्द्र लालच में आ गया. उसने इधर-उधर से किसी तरह से डेढ़ लाख रूपए जमा किए. वह रूपए लाकर नूरहसन को दे दिए. रूपये पर नूरहसन अपने घर से एक सजा हुआ घड़ा ले आया. नूरहसन ने रजिन्द्र  से कहा, इसे यमुना नदी में रात के वक्त मंत्रों से शुद्ध करना होगा. दोनों रात के समय घड़ा लेकर यमुना नदी पर पहुंच गए. घड़े को शुद्ध करने के बहाने नूरहसन घड़े को यमुना नदी में छोड़. पानी के बहाव में वह घड़ा बहते-बहते दूर चला गया. इस पर नूरहसन ने कहा, अब तो घड़ा को बीच मझधार में जाकर लाना मुश्किल है. लेकिन परेशान हो उसके पास दूसरा घड़ा भी है. उसे लेकर आता हूॅ.



नूरहसन ने दूसरे घड़े के लिए और रूपए मांगे. रजिन्द्र घड़े में रखें हीरे-जवाहरात पाने के चक्कर में और रूपए लेने के लिए राजी हो गया. उसने फिर से रूपए जमा किए और 77 हजार रूपए लाकर नूरहसन को दे दिए. इस बार घड़े को शुद्ध करने के लिए नूरहसन उसे हरिद्धार के गंगा नदी के घाट पर ले गया. नूरहसन इस बार भी बड़ी चालाकी के साथ घड़े को गंगा में बहाना चाहता था. इस बार रजिन्द्र चैंकना था. नूरहसन ने काफी चालाकी से घड़े को बहाने की कोशिश की पर रजिन्द्र चैकन्ना था. उसने घड़े को बहने नहीं दिया. काम न बनते देख नूरहसन ने रजिन्द्र से कहा अब घड़ा शुद्ध हो गया है. इसे घर ले जाकर अपने लड़के के हाथ से खुलवाना. इसमें हीरे-जवाहरात निकलेंगे. घर ले जाकर घड़ा खोला तो उसमें राख के अलावा कुछ नहीं निकला.

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