#Cybercrime : साइबर फ्रॉड से बच के रहे खाली कर सकते हैं आपका बैंक एकाउंट
साइबर फ्रॉड से बच के रहे खाली कर सकते हैं आपका बैंक एकाउंट
देश में साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ रहे है. लोग साइबर क्रिमनल के दिए गए फ्रॉड स्कीम या ऑफर के झांसे में आ जाते हैं. कुछ क्षण में इनका बैंक एकाउंट खाली हो जाती है. अपने बैंक एकाउंट को खाली होने से बचाना है तो लालच में ना आएं.
#Cybercrime : साइबर फ्रॉड से बच के रहे खाली कर सकते हैं आपका बैंक एकाउंट - मुंबई में रहने वाले मनोज राय को एक ईमेल मिला. नाइजीरिया के परसन ने स्वयं को ग्रांड प्रीमियम लोटो का मैनेजर बताते हुये मनोज को ई-मेल भेंजा और दावा किया कि उसे 15 करोड़ डालर की लाटरी निकली है. फ्रेंक ने मनोज को रकम लेने के लिए नाइजीरिया आने का निमंत्रण दिया. उसने यह भी लिखा यदि वह नाइजीरिया नहीं आना चाहता है तो वह अपना एक प्रतिनिधि भारत भेज देगें, जो उसे लाटरी की रकम दे देगा. मनोज को दूसरा आइडिया पसंद आया. उसने जवाब में प्रतिनिधि को भारत भेंजने के लिए कहा.
कुछ दिनों बाद मनोज को दूसरा ई-मेल मिला, जिसमें लिखा था, हमारा प्रतिनिधि मुंबई पहुंच रहा है. उसे लाटरी के क्लीयरंस के लिए 3750 डालर (1 लाख 65 हजार रूपये) दे दें. मनोज ने एकाउंट नंबर लेकर पहली किस्त के रूप में 88 हजार रूपये जमा कर दिये. दूसरी किस्त जमा करते समय उसे पता चला कि वह ठग लिया गया है तो उसने कोलाबा पुलिस को इस बारे में शिकायत की.
पुलिस ने किसी तरह से नाइजीरियन परसन को को गिरफ्तार कर लिया. लोग विदेशी से आए मेल से इतने अधिक प्रभावित हो जाते हैं कि उन्हें यह होश ही नहीं रहता है कि जो मेल आया है। उसके बारे में अच्छी तरह से पता कर ले कहीं वह किसी ठग द्वारा तो नहीं भेंजा गया है। अब देखिए नाइजीरिया से एक मेल।
प्रिय महोदय, आपको मिलते है 20 लाख डालर. नाइजीरिया चेम्बर्स आॅफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज से प्राप्त जानकारी और हमारे कंपनी के विशेष अधिकारियों से विचार विमर्श के बाद हमने आपके बैंक के खाते में 20 लाख डालर देने का निर्णय लिया गया है. आपकी ईमानदारी और व्यवहार कुशलता के बारे में पूरी जांच कर यह निर्णय लिया गया है.
इन 20 लाख डालर को स्थानांतरण करने के लिए आपकी मदद की जरूरत है. हमारी कंपनी फलां फैक्टर से जुड़ी हुई है और कंपनी के पास इतना पैसा हो गया है कि उसे बैंक मंे रखने की जगह नहीं हैं. यदि आप अपने बैंक का नम्बर दे दें या विदेशी बैंक में खाता खुलवा लें तो हम आपके खाते में 20 लाख डालर ट्रांसफर कर सकते हैं. फिलहाल यह रकम नाइजीरिया की सेन्ट्रल बैंक के सस्पेंस एकांउट में जमा है.
आप के ई-मेल के इन बाक्स में आया यह ई-मेल पढ़ कर खुशी से उछल सकते हैं कि आप बैठे-बैठायें करोड़पति बन गये, लेकिन सच्चाई यह है कि यह सब साइबर फ्राड द्वारा आपको ठगने के लिए मेल भेंजा गया है. इस बारे में सीबीआई ने लोगों को आगाह किया है कि ऐसे ई-मेल के मोहजाल में न फंसे. यह आपको कंगाल भी बना सकता है. इंटरपोल की रिर्पोट के अनुसार, साइबर ठगों द्वारा 500 करोड़ अमेरिकी डालर की विश्वव्यापी साइबर फ्राड किया जा रहा हैं.
साइबर फ्राड द्वारा भेजें गयी ई-मेल की शब्दशैली इतनी प्रभावशाली होती है कि ई मेल पाने वाला समझने लगता है कि भाग्य की देवी की कृपा उस पर हो गयी है. तभी तो बैठे बैठाए उसे करोड़ों रूपये मिल रहे हैं. वह अति खुशी में बिना कुछ सोचे समझे ई-मेल का जवाब दे देता है. इसके बाद पछताता है. करोड़ों के मालिक बनने के चक्कर में अब तक दुनिया के लाखों लोग कंगाल हो चुके हैं.
इंटरपोल पुलिस के अनुसार नाइजीरिया के ठगों द्वारा इस तरह के ई-मेल भेंज कर ठगी काफी सालों से की जा रही है. नाइजीरिया ठग बढ़ी ही चालाकी से नेट द्वारा धोखाघड़ी कर रहे हैं. वे अपना शिकार उद्योगपति, नौकरशाह, निजी कंपनियों, उच्चाधिकारियों या आम नागरिक को बना रहे है. जो ई-मेल संदेश पढ़कर प्रभावित हो जाता है. इनसे सम्पर्क करता है. बस उस समय से बड़े-बड़े प्रलोभन, आश्वासन देकर रूपया ठगना शुरू कर देते हैं.
ई-मेल का उत्तर भेंजते ही उनके पास ईमेल से कुछ दस्तावेज आने लगते हैं. जो नाइजीरिया सरकार के स्टांप पेपर पर होते हैं. इन कागजातों में फंड मैनेजमेंट का एग्रीमेंट, फंड रेमिटांस वाउचर, पावर ऑफ एटार्नी फार्म, एफिडेविड्स, पेनल ऑफ जजेस का वार्डिक्ट आदि होते हैं.
इन कागजातों को भेंजने वाला खुद को कंपनी के पैनल का सदस्य बता कर आप से मोहर तथा हस्ताक्षर युक्त कंपनी लेटर हेड व कोरा इन्वौइसेज के साथ बैंक एकाउंट नंबर, टेलीफोन व मोबाइल नम्बर की मांग की जाती है. इन कागजातों के साथ में एक पत्र और होता है जिसमें लिखा होता है कि उक्त सभी चीजें़ पहुंचते ही सेन्ट्रल बैंक की मंजूरी के बाद रूपये आपके खाते में चले जाएंगे.
इनके बताये अनुसार जब कोई बैंक का एकाउंट नंबर भेंज देता है. ये समझ जाते हैं कि व्यक्ति उनके चक्कर मंे आ गया है. इसके बाद वे काफी नम्रतापूर्वक नएनए तरीकों से जैसे ट्रांसफर टैक्स, कांट्रेक्ट फीस, वकीलों की फीस के नाम पर रूपयों की डिमांड करते हैं. शुरूशुरू में यह राशी छोटी होती है. रूपये पाने के लालच में लोग छोटी-छोटी राशी का भुगतान करते जाते हैं. धीरे-धीरे राशी बढ़ती जाती है.
भुगतान किया जाने वाला हर शुल्क आखरी बताया जाता हैं, लेकिन इसे नजर अंदाज कर हर बार किसी न किसी बहाने अतिरिक्त भुगतान का मैसेज भेंज कर भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता हैं.
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आखिर में रूपये ट्रांसफर में बड़ी समस्या दिखा कर मोटी रकम की भी मांग करते है. इनके कहे अनुसार यदि कोई उन्हें मोटी रकम इन्हें भेंज देता है तो इनके बल्ले-बल्ले हो जाते हैं. यदि कोई रकम देने से इंकार करता है तो ठग संपर्क करना नहीं छोड़ते हैं. वे अपने मार्केटिंग गुरू से उनका ब्रेनवाश करवाते हैं. मार्केटिंग गुरू की बातों में आकर अनेक लोग मोटी रकम भेंज देते हैं. जैसे ही कोई मोटी रकम इन्हें भेज देता है.
इनका एक नया मेल पहुंच आता है. जिसमें लिखा होता है, बैंक का अध्यक्ष बिना रिश्वत लिये रूपये ट्रांसफर करने को तैयार नहीं हैं. एक बार फिर मोटे रिश्वत की मांग की जाती है. जैसे-तैसे करके कोई बैंक अध्यक्ष के लिए रिश्वत की रकम भेंजता है. एक नई प्राब्लम का मेल पहुंच जाता है और पैसों की डिमांड की जाती है. एक समय ऐसा आता है जब उसे लगने लगता है कि रूपये नहीं भेंजे तो पहले वाला रूपये डूब जाएगा. लोग अपना रूपये निकालने के चक्कर में ठग के चक्रव्यूह में फंसते चले जाते हैं.
ठगी के और तरीके
साइबर ठग द्वारा नाइजीरिया आने का निमंत्रण भी दिया जाता है. खुद ही वीजा आदि का प्रबंध कर देने की बात कही जाती हैं. उनकी बातों आकर कोई व्यक्ति यदि वहां पहुंच जाता है. तो समझ लें उसके बूरे दिन शुरू हो गए. कथित कंपनी के लोग एयरपोर्ट पर पहंुच कर रिसीव करके होटल ले जाते है. पहले तो उसे बड़े प्यार से रखा जाता है. इसके बाद उसके पास की सारी जानकार हासिल की जाती है.
उसे रूपये पाने के लिए नगद रूपए जामा करने की बात कहीं जाती है. वह मान जाए तो अच्छी बात है. नहीं माना तो उसकी हालत खराब कर देते हैं. पहले उसे डराया धमकाया जाता है. उसके पास के रूपये लुट लिए जाते हैं. रूपए नगद न होने पर धमका कर नेट द्वारा बैंक से रूपयें निकलवा लिए जाते है. न मानने पर उससे कहा जाता है, तुम नकली वीजा पर यहां आये हो. हमारी बात न मानने पर हम इस बारे में नाइजीरिया पुलिस को सूचित कर देगें.
यहां की पुलिस तुम्हें नाइजीरिया जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लेगी. जिंदगी भर जेल में सड़ते रहोगें. साइबर ठग की बात न मांगने पर हत्या तक कर देते है. बंधक बनाकर आपके घरवालों से फिरौती की रकम वसूल सकते है. ऐसे कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं.
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mystery : मां ने दी बेटे
की कत्ल की सुपाड़ी
जबलपुर लार्डगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला अधिवक्ता की एक क्लाइंट ने रायपुर में अपनी पैतृक जमीन बेचने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी. कई करोड़ों रूपए की इस जमीन की बेचने के लिए महिला अधिवक्ता ने नेट पर सारी जाकारियां पोस्ट की. जमीन को क्रय करने के लिए एक विदेशी मेल आया था.
उस मेल में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर महिला अधिवक्ता कीनिया के रहने वाले मौरी जॉन एडम्स से बातचीत हुई. बातचीत में उसने जमीन का सौदा डन किया और भारत आकर जमीन देखने की इच्छा जाहिर की. बातचीत होने के कुछ ही दिन बाद एडम्स मुबंई पहुंच गया. यहां पहुंचकर उसने महिला अधिवक्ता को फोन किया. उसने महिला अधिवक्ता को अपनी समस्या बतायी. उसने बताया विदेशी मुद्रा कनवर्ट करवाने में दिक्कत हो रही है, वह क्या करें?
उसकी समझ में नहीं आ रहा है. महिला अधिवक्ता ने कहां, वह उसकी क्या मदद कर सकती है. इस पर उस व्यक्ति ने महिला अधिवक्ता से एक लाख रूपयों की डिमांड की और कहां रूपए कनवर्ट होते ही उन्हें रूपए लौटा देगा. महिला अधिवक्ता उस व्यक्ति को मदद करने के हिसाब से रूपए देने के लिए राजी हो गयी. समस्या यह थी कि वह एडम्स के पास रूपए कैसे भेजे. एडम्स ने समस्या का हल निकाल दिया. उसने कहां उसकी एक दोस्त इंडिया में रहती है. उसके बैंक में रूपए भेंज सकती है. उसने तुरंत एसएमएस करके बैंक एकाउंट नंबर भेंजवा दिया.
महिला अधिवक्ता ने उसी दिन उस नंबर पर एक लाख रूपए भेंजवा दिए. कुछ दिनों बाद महिला अधिवक्ता मुंबई पहुंचीं तो वहां पर मौरी जान एडम्स और उसका एक साथी एफिड से मुलाकात हुई. उन्होंने बताया उनके रूपए अभी तक कनवर्ट नहीं हुए है. वे अभी काफी परेशानी में पड़ गए है इसलिए उन्हें कुछ रूपयों की और मदद की जाएं.
महिला अधिवक्ता दोनों की बातों से समझ गई कि दोनों ठग है. उन्होंने बातों ही बातों में एडम्स ने उसके रहने की ठिकाना ले लिया. वहां से वह सीधे थाने गई और उसने एडम्स के खिलाफ मामला दर्ज करवाया. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत मौके पर पहुंच कर कीनियाई ठग को पूछताछ के लिए थाने ले आयी.
पूछताछ में सारी बातें खुल कर सामने आ गई. एडम्स ने कबूल किया कि वह ठग है. पुलिस ने ठगी करने वाले कीनियाई ठग से पूछताछ के बाद उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य साथियों की तलाश करनी शुरू कर दी. कीनियाई ठग के खाते की जांच करने पर पता चला वह खाता गुजरात के गांधीनगर की एक महिला किरण बाई के नाम से था. उसका पासपोर्ट जोंहानसबर्ग से बना था और वह 30 जून को जारी किया गया था.
उसकी वैधता ३० नवम्बर तक होने का पता चला है. जांच के दौरान पुलिस को जालसाज का साथी एफिड हाथ लग गया है. पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू किया तो अनेक बातें सामने आई. पुलिस के अनुसार कीनियाई ठग यदि पकड़ा नहीं जाता तो वह कई भारतीयों को अपना शिकार बनाकर वापस कीनिया लौट जाता.
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सावधानी बहुत जरूरी
आपने किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया न हो आपके ई-मेल पर संदेश मिल सकता है. आप लाखों डालर जीत गये हैं. इसे प्राप्त करने के लिए आपको टेक्स प्रोसिशिंग शुल्क आदि का अग्रिम भुगतान करना पड़ेगा
नाइजीरिया सरकार का तख्ता पलट चुका है. वरिष्ठ फौजी अधिकारी नजरबंद है उनके खातों में 1000 करोड़ डालर है. वह इन रूपयों को सुरक्षित करने के लिए किसी को पावर आफ आटर्नी देना चाहता है. नजरबंदी से छुटने के बाद फौजी विदेश में बसना चाहता है. इस सारे काम के लिए वह पावर आॅफ आर्टनी को दस करोड़ अमेरिका डालर देने को तैयार है. इस सारी प्रति यदि वह किसी तरह से मर गया तो सारे रूपये का वहीं वारीस होगा.
मैं भारतीय नागरिक हूं लेकिन अब इराक में रहता हूं. मैं यहां कच्चे तेल के व्यवसाय में हूं और काफी लोकप्रिय भी. मेरा एक पैर खराब हो चुका है और मैं संभवतः कुछ ही दिनों का मेहमान हूं. मैंने पांच करोड़ डाॅलर एक डिब्बे में बंद कर रखे हैं. मैं उनके वारिस की तलाश कर रहा हूं.
नाइजीरिया के एक कुबेर पति की मृत्यु हो गयी है. उनके परिवार में अपना कोई नहीं हैं. वसीयत के अनुसार 80 प्रतिशत रकम उनके रिश्तेदार को मिलें और 20 प्रतिशत धार्मिक कामों में लगाया जाए.
उपर लिखे इस तरह के ई-मेल के साथ फला साइट विजिट करने की बात लिखी होती है. यदि आप उस साइट पर लिंक करते हैं तो आपका पता फोन नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक एकाउंट आदि लिखा एक फार्म भरवाया जाता है. जिसमें लिखा होगा इसे भरते ही आपे खाते में रकम ट्रांसफर कर दी जायेगी. यदि आपने अपना एकाउंट नंबर व पासवर्ड नंबर भर दिया तो रकम आपके खाते में ट्रांसफर होने की बजाय, आपके खाते से आश्र्चय रूप से कम हो जायेगें. क्योकि पास वर्ड के द्वारा वे आपके बैंक से रूपए निकाल लेगें.
फ्राड 419
नाइजरिया कानून के अनुसार देशवाशियों या विदेशियों के साथ ई-मेल द्वारा इस तरह की धोखाधड़ी वहां के दंड सहिता की धारा 419 के तहत अपराध है. इसे एडवांस फ्री फ्राड या फ्राड 419 कहा जाता है. नाइजरिया सरकार ने दुनिया के सभी लोगों से अपील की है कि उनके ई-मेल बाक्स में लाटरी जीतने, वारिस बनाने या पावर आॅफ आटर्नी देने जैसे प्रलोभन की बात वाले ई-मेल आए तो सचेत हो जाए. यह फ्राड 419 हो सकता है. फ्राड से बचना चाहते हैं तो इनसे किसी भी तरह से सम्पर्क न करें.
फ्राड से बचने के तरीके
- जब आपने किसी भी तरह की लाटरी नहीं खरीदी तब आपकी लाटरी कैसे निकली. ऐसे ई-मेल आने पर समझ जाए दाल में कुछ काला है. ऐसे आफर का कोई जबाव न दें. यदि ऐसे ई-मेल बार-बार आता होतो फौरन पुलिस को शिकायत करें.
- किसी भी तरह के इनाम या लाटरी के रकम की प्राप्ती के लिए किसी तरह की सिक्युरिटी मनी जमा नहीं करनी पड़ती यदि कोई ऐसी रकम की मांग करें मो तुरंत पुलिस को सूचित करें. - कभी किसी भी तरह के प्रलोभन के लालच में न आएं.
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Web Title : Todey India News : #Cybercrime : साइबर फ्रॉड से बच के रहे खाली कर सकते हैं आपका बैंक एकाउंट
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